मंदसौर मंडी भाव रिपोर्ट: ऊंटी लहसुन ₹22,000 के पार, सोयाबीन और सरसों में भी तेजी (04 मई 2026)
04 May 2026
आज मंदसौर मंडी में ऊंटी लहसुन ₹22,000 प्रति क्विंटल तक बिका। सोयाबीन में ₹100-150 की तेजी रही और सरसों के भाव भी मजबूत रहे। अवकाश के बाद मंडी में भारी आवक दर्ज की गई।
लहसुन मंडी भाव (Garlic Market Update)
अवकाश के बाद आज मंदसौर मंडी में लहसुन की भारी आवक (लगभग 13,000 कट्टे) रही।
ऊंटी लहसुन: ऊपर में बेस्ट क्वालिटी बॉक्स माल ₹22,000 प्रति क्विंटल तक बिका। अन्य अच्छे माल ₹17,000 से ₹19,000 के बीच रहे।
देसी लहसुन: बढ़िया देसी माल ₹13,000 से ₹15,800 प्रति क्विंटल तक बिका। मध्यम क्वालिटी ₹9,000 से ₹12,000 और दातरा/हल्का माल ₹4,200 से ₹5,600 के बीच रहा।
सोयाबीन भाव में उछाल (Soyabean Price Surge)
सोयाबीन के बाजार में आज ₹100 से ₹150 की जोरदार तेजी दर्ज की गई। अच्छी मशीन क्लीन और ग्रेडेड सोयाबीन ऊपर में ₹6,492 से ₹6,500 प्रति क्विंटल तक बिकी। औसत दर्जे का माल ₹6,260 से ₹6,350 के बीच रहा। काफी समय बाद सोयाबीन के भाव में इस तरह का सुधार देखा गया है।
सरसों और अलसी का हाल (Mustard & Linseed Rates)
सरसों: सरसों की आवक बढ़ी है और भाव भी मजबूत हैं। बेस्ट क्वालिटी सरसों ₹6,727 प्रति क्विंटल बिकी, जबकि औसत माल ₹6,570 से ₹6,621 के बीच रहा।
अलसी: अलसी के भाव में पिछले दिनों के मुकाबले मामूली गिरावट देखी गई। ऊपर में अलसी ₹8,891 से ₹9,063 तक बिकी। हल्की मिट्टी वाली अलसी ₹8,000 के आसपास रही।
अलसी: अलसी के भाव में पिछले दिनों के मुकाबले मामूली गिरावट देखी गई। ऊपर में अलसी ₹8,891 से ₹9,063 तक बिकी। हल्की मिट्टी वाली अलसी ₹8,000 के आसपास रही।
गेहूं, चना और मेथी (Wheat, Gram & Fenugreek)
गेहूं: गेहूं के भाव में ₹50 की मंदी रही। लोकवन गेहूं ₹2,450 से ₹2,550 और औसत माल ₹2,350 के आसपास बिका।
चना: विशाल और देसी चना ₹5,200 प्रति क्विंटल के स्तर पर स्थिर बना हुआ है।
मेथी/मेथा: बोल्ड दाना मेथा ₹7,841 प्रति क्विंटल तक बिका, जबकि सामान्य मेथी ₹6,100 से ₹6,400 के बीच बिकी।
चना: विशाल और देसी चना ₹5,200 प्रति क्विंटल के स्तर पर स्थिर बना हुआ है।
मेथी/मेथा: बोल्ड दाना मेथा ₹7,841 प्रति क्विंटल तक बिका, जबकि सामान्य मेथी ₹6,100 से ₹6,400 के बीच बिकी।
आवक और बाजार स्थिति (Arrivals & Market Sentiment)
आज मंडी के गेट पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। लहसुन में ऊंटी की आवक अब धीरे-धीरे कम हो रही है (कुल आवक का 30-35%), जबकि देसी लहसुन की आवक बढ़ रही है। लेवाली (Demand) सभी जिंसों में अच्छी होने के कारण बाजार में रौनक बनी हुई है।
