
प्याज की फसल में उर्वरक प्रबंधन की पूरी जानकारी
प्याज की फसल में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए संतुलित उर्वरक प्रबंधन आवश्यक है।
प्याज की फसल में उर्वरक प्रबंधन का महत्व
प्याज की फसल से अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए संतुलित उर्वरक प्रबंधन आवश्यक होता है। उचित समय पर सही उर्वरकों का उपयोग करने से पौधों की वृद्धि तेज होती है तथा कंद का आकार और उत्पादन दोनों बढ़ते हैं।
रोपाई के बाद पहला उर्वरक स्प्रे
रोपाई के 10 से 15 दिन बाद जल में घुलनशील उर्वरक 19:19:19 @ 75 ग्राम को 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इससे पौधों की शुरुआती वृद्धि में मदद मिलती है।
पौधों की वृद्धि अवस्था में उर्वरक
रोपाई के 40 से 45 दिन बाद 12:61:00 @ 75 ग्राम को 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। इससे नई जड़ों के विकास और पौधों की वृद्धि को बढ़ावा मिलता है।
कंद विकास के लिए उर्वरक
00:52:34 उर्वरक प्याज के कंद के विकास में मदद करता है। इसका उपयोग रोपाई के 30 से 35 दिन बाद 8 दिन के अंतराल पर @ 75 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर 2 से 3 बार करें।
उत्पादन बढ़ाने के लिए उर्वरक
00:00:50 उर्वरक का प्रयोग करने से कंद का आकार, उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होता है। इसे फल विकास अवस्था में 8 दिन के अंतराल पर @ 75 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर 2 बार छिड़काव करें।
लाभ
- पौधों की तेज वृद्धि
- कंद का बेहतर आकार
- उत्पादन और गुणवत्ता में वृद्धि
सामान्य प्रश्न
प्याज की फसल में कौन से उर्वरक उपयोग किए जाते हैं?
19:19:19, 12:61:00, 00:52:34 और 00:00:50 उर्वरक प्याज की फसल में उपयोग किए जाते हैं।
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