
धनिया की फसल को पाले से कैसे बचाएं – किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपाय
सर्दियों में पाला धनिया की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। सही सिंचाई, धुआं और पोषक तत्वों के छिड़काव से फसल को पाले से बचाया जा सकता है।
पाला क्या होता है?
सर्दियों के मौसम में जब तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तब वातावरण में मौजूद ओस की बूंदें जमकर बर्फ जैसे कणों में बदल जाती हैं। जब ये कण पौधों पर जम जाते हैं तो इसे तुषार या पाला कहा जाता है।
पाले का प्रकोप मुख्य रूप से दिसंबर और जनवरी महीने में अधिक देखा जाता है।
पाले से फसल को बचाने के उपाय
- धनिया की बुवाई 10 नवंबर से 20 नवंबर के बीच करें ताकि फसल पाले से कम प्रभावित हो।
- यदि पाला पड़ने की संभावना हो तो तुरंत फसल की सिंचाई करें। इससे खेत का तापमान बढ़ता है और पाला जमने से बचाव होता है।
- पाला पड़ने की आशंका होने पर खेत के चारों ओर कूड़ा या सूखा चारा जलाकर धुआं करें। यह कार्य आधी रात के समय करना अधिक प्रभावी होता है।
रासायनिक और पोषक तत्वों का उपयोग
- सल्फर या गंधक 0.1% या 1 मिली प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें।
- सल्फर 15 ग्राम और बोरेक्स 10 ग्राम प्रति पंप का छिड़काव करने से पाले के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
- पाला पड़ने की संभावना अधिक हो तो डाई मिथाइल सल्फो ऑक्साइड (Dimethyl Sulfoxide) @ 75 ग्राम प्रति 1000 लीटर पानी का उपयोग फूल आने की अवस्था में 10–15 दिन के अंतराल पर किया जा सकता है।
सामान्य प्रश्न
धनिया की फसल को पाले से कैसे बचाया जा सकता है?
समय पर सिंचाई, खेत के चारों ओर धुआं करना और सल्फर या बोरेक्स का छिड़काव करने से फसल को पाले से बचाया जा सकता है।
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